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हेल्थ स्मार्ट कार्ड जारी करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य
राज्य के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ स्मार्ट कार्ड योजना के लिए एमओयू साइन किया गया।
इस योजना के शुरू होने पर सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को यह सुविधा देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार की ओर से सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, उमाकान्त पंवार तथा एम.डी. इण्डिया हेल्थ केयर सर्विसेस की ओर से अधिशासी निदेशक अनुपम गुप्ता ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
इस योजना से एक लाख 75 हजार राजकीय कर्मचारियों तथा 90 हजार पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, उमाकान्त पंवार ने बताया कि 9 नवम्बर, 2010 को स्थापना दिवस के अवसर पर हेल्थ स्मार्ट कार्ड का वितरण शुरू किया जायेगा। डा. पंवार ने कहा कि इस योजना से सभी सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सम्बन्धित कम्पनी सरकारी कार्यालयों में जाकर हेल्थ स्मार्ट कार्ड तैयार करायेगी। इस योजना के शुरू होने से धन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। उन्होंने कम्पनी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने कर्मियों को कोषागार कार्यालय से समन्वय कर हेल्थ स्मार्ट कार्ड बनवाने में सहयोग लें।
एम.डी. इण्डियां हेल्थ केयर सर्विसेस, पुणे के अधिशासी निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया कि इस समझौता से सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवार को बेहतर चिकित्सा दिलाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया। उन्होंने कहा कि इस योजना को समयबद्ध कार्यक्रम में संचालित करने के लिए राज्य सरकार से बेहतर सहयोग मिला है।
हेल्थ स्मार्ट कार्ड में कर्मचारी एवं उनके पूरे परिवार का पूरा विवरण होगा। राज्य में सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सालयों तथा राज्य के बाहर संस्था द्वारा चिन्हित चिकित्सालयों में कार्ड धारकों को सभी चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी। इस योजना में शामिल राज्य कर्मचारियांे को वेतन से वार्षिक आंशिक योगदान देना होगा।
ग्रेड वेतन 6600 से 12000 रुपये पर 5000 रुपये, 4200 से 5400 रुपये पर 3500 रुपये, 1900 से 2800 रुपये पर 1500 रुपये तथा 1800 तक ग्रेड वेतन वाले कर्मियों को 700 रुपये का अंशदान देना होगा। इसी प्रकार पेंशनधारियों में 13,950 की सीमा पर 360 रुपये तथा 13951 से 19530 रुपये की सीमा पर 720 रुपये, 19531 से 39,690 रुपये की सीमा पर 1800 रुपये तथा 39691 रुपये से अधिक वेतन वाले कर्मियों को 2400 रुपये का अंशदान जमा करना होगा।
-हिलवाणी डेस्क
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